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| Sai Satcharitra - Chapter 51 |
*श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 51*
उपसंहार
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अध्याय
– 51 पूर्ण
हो
चुका
है
और
अब
अन्तिम
अध्याय
(मूल
ग्रन्थ
का
52 वां
अध्याय)
लिखा
जा
रहा
है
और
उसी
प्रकार
सूची
लिखने
का
वचन
दिया
है,
जिस
प्रकार
की
अन्य
मराठी
धार्मिक
काव्यग्रन्थों
में
विषय
की
सूची
अन्त
में
लिखी
जाती
है
।
अभाग्यवश
हेमाडपंत
के
कागजपत्रों
की
छानबीन
करने
पर
भी
वह
सूची
प्राप्त
न
हो
सकी
।
तब
बाब
के
एक
योग्य
तथा
धार्मि
भक्त
ठाणे
के
अवकाशप्राप्त
मामलतदार
श्री.
बी.
व्ही.
देव
ने
उसे
रचकर
प्रस्तुत
किया
।
पुस्तक
के
प्रारम्भ
में
ही
विषयसूची
देने
तथा
प्रत्येक
अध्याय
में
विषय
का
संकेत
शीर्षक
स्वरुप
लिखना
ही
आधुनिक
प्रथा
है,
इसलिये
यहाँ
अनुक्रमाणिका
नहीं
दी
जा
रही
है
।
अतः
इस
अध्याय
को
उपसंहार
समझना
ही
उपयुक्त
होगा
।
अभाग्यवश
हेमा़डपंत
उस
समय
तक
जीवित
न
रहे
कि
वे
अपने
लिखे
हुए
इस
अध्याय
की
प्रति
में
संशोधन
करके
उसे
छपने
योग्य
बनाते
।




